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नरभक्षी ताऊ और लुटेरी भूआ

 भारत में एक छोटे से गांव हमीरपुर में तीन भाई और एक बहन रहते थे । सबसे बड़े भाई का नाम गुलशन था । दूसरे नंबर के भाई का नाम गुलाब था । और तीसरे नंबर के भाई का नाम गुलजारी था । चौथे नंबर की बहन थी , जिसका नाम गुलफाम कली था । गुलशन के दो लडके और एक लड़की थी गुलाब के तीन लड़के और एक सबसे छोटी लड़की थी । तीसरा भाई गुलजारी था । उसके कोई संतान नहीं थी , क्योंकि उसकी शादी नहीं हुई थी । यह उपन्यास गुलाब के दूसरे नंबर के लड़के गब्बर ने प्रेषक बनकर अपना वृत्तांत सुनाया है । जब गब्बर का जन्म हुआ था तब उसके पिता गुलाब अपने बड़े घर को छोड़कर एक अलग से आकर झोपड़ी बनाकर रहने लगे थे । उनके साथ उनकी पत्नी कमला और उनके तीन बच्चे और एक सबसे छोटी बच्ची थी । उनके साथ ही गुलाब के पिताजी गब्बर के दादा भी रहते थे । वह एक सरकारी संस्था में थे । जो रिटायर हो चुके थे । उन्हें ₹5000 पेंशन के मिलते थे । बहन गुलफाम कली नहीं चाहती थी , कि गुलाब का परिवार अच्छा खाए पिए और खुशी से रहे ।         गुलशन गुलाब और गुलजार की माताजी कामिनी थी । कामिनी के कोई भाई नहीं था । इसीलि...
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